Search This Blog
Tuesday, 10 September 2019
दिन मैं सौ बार याद करता हूँ पासवर्ड सारे तेरे नाम के हैं
तेरी हसरत तेरा अरमान नहीं छोड़ेंगे
तेरी हसरत तेरा अरमान नहीं छोड़ेंगे
आप क्यों रोएँगे मेरी खातिर
आप क्यों रोएँगे मेरी खातिर
फर्ज ये सारे इस गुलाम के हैं
दिन मैं सौ बार याद करता हूँ
पासवर्ड सारे तेरे नाम के हैं
खुश हैं तुमको डिलीट करते हुए
खुश हैं तुमको डिलीट करते हुए
रो पड़े हम ये ट्वीट करते हुए
इश्क़ का खेल ही निराला है
प्यारे लगते हो चीट करते हुए
याद रखियेगा हाथ कापेंगे
याद रखियेगा हाथ कापेंगे
मेरा नम्बर डिलीट करते हुए
Mr . Gaurav Rana
Recommended Articles
- GHAZAL
तुझे दिए हुए फूल की तस्वीर अभी भी मेरे पास है Oct 13, 2019
ना जाने तेरी ख़ूबसू रती थी बजह या मेरी आँखें कमजोर रह गयी मेरा दिल तो आगे बढ़ गया पर धड़कन तुम्ही रह गयीं तेरे साथ बो पहली...
- GHAZAL
तुम्हारा तो बहुत बाद में हुआ है वो एक अर्शे तक बो बस हमारा थाSept 11, 2019
उससे इश्क़ करना ही बस एक चारा था वो शख्स कसम खुदा की इतना प्यारा था तुम्हारा तो बहुत बाद में हुआ है वो तुम्हारा तो बहुत बाद में हुआ है वो एक अर्श...
- GHAZAL
बक्त हो तो ख्वावों मैं आ जाना तुमSept 11, 2019
हद से ज्यादा खुद को बेकरार करके, मजा आ रहा है तुमसे प्यार करके आज फिर तन्हाईयों की गलियों से, मैं जा रहा हु तेरा इंतज़ार करके इश्क़ लादवा है ये अब प...
- GHAZAL
उसकी आँखों के बो आंशु नहीं सोने देते गाँव मैं रोता हुआ जिसको छोड़ आया हूँ Sept 10, 2019
लम्हे लम्हे को तेरी याद में चुराता था बिना बजह मैं तेरे घर में आता जाता था दोस्त चिढ़ते थे सभी और जला करते थे, दोस्त चिढ़ते थे सभी और ज...
Newer Article
भरी महफ़िल में जब भी याद उसकी आती है रोकू कितना भी खुद को आँख भर ही जाती है
Older Article
तुमने इस दिल को गिरफ्तार आज कर तो लिया अब जरा ये तो बता दो की दवा कोन सी है
Labels:
GHAZAL
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Sneha
ReplyDelete